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अध्याय की सामग्री
अध्याय की सामग्री
विवाद समाधान, मध्यस्थता, न्यायिक प्रणाली।
16.1.कानूनी आधार
किर्गिज गणराज्य में विवादों का निपटान सरकारी अदालतों में किया जाता है, साथ ही वैकल्पिक (अदालती बाहर) विवाद समाधान तंत्र के तहत भी।
प्रमुख नियामक अधिनियम
किर्गिज गणराज्य का संविधान (2021); 25 जनवरी 2017 के नागरिक प्रक्रिया संहिता संख्या 14; 25 जनवरी 2017 के प्रशासनिक प्रक्रिया संहिता संख्या 13; 28 अक्टूबर 2021 के आपराधिक प्रक्रिया संहिता संख्या 129।
11 अप्रैल 2021 को जनमत संग्रह (सर्वजनमत) द्वारा अपनाया गया और 5 मई 2021 को किरगिज गणराज्य के कानून संख्या 59 द्वारा लागू किया गया।
16.2.न्यायिक प्रणाली
किर्गिज गणराज्य की न्यायिक प्रणाली में संवैधानिक न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय और स्थानीय न्यायालय शामिल हैं।
| स्तर/संस्था | अदालतों की संरचना | प्रमुख अधिकार क्षेत्र |
|---|---|---|
| प्रथम स्तर | अदालतों की संरचनाजिला, नगर और प्रशासनिक न्यायालय | प्रमुख अधिकार क्षेत्रनागरिक, आर्थिक, प्रशासनिक और अन्य मामलों की वस्तुनिष्ठ समीक्षा |
| अपील स्तर | अदालतों की संरचनाप्रांतीय न्यायालय, बिश्केक नगर न्यायालय | प्रमुख अधिकार क्षेत्रप्रथम स्तर की अदालतों के ऐसे न्यायिक आदेशों की समीक्षा जो वैध प्रभाव में नहीं आए हैं |
| कसैशन स्तर | अदालतों की संरचनाकिर्गिज गणराज्य का सर्वोच्च न्यायालय | प्रमुख अधिकार क्षेत्रवैध प्रभाव में आए न्यायिक आदेशों की समीक्षा तथा न्यायिक प्रथाओं की व्याख्या |
| संवैधानिक नियंत्रण | अदालतों की संरचनाकिगिज गणराज्य का संवैधानिक न्यायालय | प्रमुख अधिकार क्षेत्रनियमित कानूनी अधिनियमों और अंतरराष्ट्रीय संधियों के मसौदों की संवैधानिकता की जांच, संविधान की व्याख्या आदि। |
16.3.मध्यस्थ न्यायालय (अर्बिट्रेशन)
किगिज गणराज्य में मध्यस्थ समझौते की उपस्थिति में या कानून द्वारा सीधे निर्दिष्ट मामलों में, न्यायालय के बाहर विवादों का समाधान मध्यस्थता (अर्बिट्रेशन) के माध्यम से किया जाना स्वीकार्य है।
- प्रमुख नियामक अधिनियम
- किगिज गणराज्य का "किगिज गणराज्य में मध्यस्थ न्यायालयों के बारे में" 30 जुलाई 2002 का कानून संख्या 135
- स्थायी संस्थान
- किगिज गणराज्य के वाणिज्य और उद्योग मंडल के तहत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ न्यायालय
- प्रयोग क्षेत्र
- नागरिक-वैधानिक विवाद
- क्षेत्राधिकार का आधार
- मध्यस्थ समझौता (अर्बिट्रेशन क्लॉज या अलग समझौता) या कानून का प्रावधान
- लागू कानून
- पक्षों के समझौते द्वारा निर्धारित; यदि नहीं है तो मध्यस्थ न्यायालय द्वारा
- न्यायालय की संरचना
- एकल मध्यस्थ या पैनल (विषम संख्या में)
- गोपनीयता
- मध्यस्थता प्रक्रिया गोपनीय होती है
- मध्यस्थ न्यायालय का निर्णय
- पक्षों के लिए अंतिम और बाध्यकारी
- निर्णयों की चुनौती
- सीमित मामलों में अनुमति है, मुख्य रूप से राज्य या राज्य-स्वामित्व वाली संगठनों की भागीदारी के साथ
- जबर्दस्ती निष्पादन
- राज्यीय न्यायालय द्वारा जारी कार्यवाही आदेश के आधार पर किया जाता है
- न्यायिक नियंत्रण
- कार्यवाही आदेश जारी करने या रद्द करने के आवेदन की समीक्षा के दौरान औपचारिक आधारों की जांच
16.4.मध्यस्थता
वैकल्पिक (अदालती बाहर) विवाद समाधान की एक अलग प्रक्रिया मध्यस्थता है।
- प्रमुख नियामक अधिनियम
- किर्गिज गणराज्य का "मध्यस्थता के बारे में" कानून, 14 नवंबर 2025, संख्या 256
- प्रयोग क्षेत्र
- नागरिक, पारिवारिक, श्रम विवाद, कुछ श्रेणियों के आपराधिक मामले
- सिद्धांत
- स्वैच्छिकता, पक्षों की समानता, मध्यस्थ की तटस्थता, गोपनीयता
- विशेषताएँ
- यह अनुबंध के आधार पर आयोजित किया जाता है; परिणाम एक मध्यस्थता समझौता होता है, जो विवाद के पक्षों के लिए बाध्यकारी होता है
16.5.न्यायिक और मध्यस्थता निर्णयों का निष्पादन
न्यायिक और मध्यस्थता निर्णयों का जबरदस्ती निष्पादन किरगिज गणराज्य के महाधिवक्ता कार्यालय के न्यायिक कार्यपालकों की सेवा द्वारा किया जाता है।
प्रमुख नियामक अधिनियम किरगिज गणराज्य का "न्यायिक कार्यपालकों की स्थिति और कार्यवाही के बारे में" कानून, 28 जनवरी 2017, संख्या 15।
किर्गिज गणराज्य विदेशी न्यायिक और मध्यस्थता निर्णयों की मान्यता और प्रवर्तन के अंतरराष्ट्रीय संधियों में भाग लेता है, जिसमें 1958 का न्यूयॉर्क कन्वेंशन और सीआईएस के तहत समझौते शामिल हैं, साथ ही कई राज्यों के साथ पारस्परिक कानूनी सहायता के द्विपक्षीय समझौते भी।
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सामग्री नेशनल इन्वेस्टमेंट एजेंसी और Baker Tilly द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई है, सूचना के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। डेटा जून 2026 तक मान्य है। निर्णय लेने से पहले लागू नियमों की जांच करें और NAİ से परामर्श लें।
